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कुंडली में द्वादश भाव

 12 द्वादश भाव :
    कुंडली के बारहवें घर को भारतीय वैदिक ज्योतिष में व्यय स्थान अथवा व्यय भाव कहा जाता है तथा कुंडली का यह घर मुख्य रुप से कुंडली धारक के द्वारा अपने जीवन काल में खर्च किए जाने वाले धन के बारे में बताता है तथा साथ ही साथ कुंडली का यह घर यह संकेत भी देता है कि कुंडली धारक के द्वारा खर्च किए जाने वाला धन आम तौर पर किस प्रकार के कार्यों में लगेगा। कुंडली के बारहवें घर के बलवान होने की स्थिति में आम तौर पर कुंडली धारक की कमाई और व्यय में उचित तालमेल होता है तथा कुंडली धारक अपनी कमाई के अनुसार ही धन को खर्च करने वाला होता है, जिसके कारण उसे अपने जीवन में धन को नियंत्रित करने में अधिक कठिनाई नहीं होती जबकि कुंडली के बारहवें घर के बलहीन होने की स्थिति में कुंडली धारक का खर्च आम तौर पर उसकी कमाई से अधिक होता है तथा इस कारण उसे अपने जीवन में बहुत बार धन की तंगी का सामना करना पड़ता है।


        कुंडली के बारहवें घर पर शुभ या अशुभ ग्रहों के प्रभाव को देखकर यह भी पता चल सकता है कि कुंडली धारक का धन आम तौर पर किस प्रकार के कार्यों में खर्च होगा। उदाहरण के लिए कुंडली के बारहवें घर पर किसी शुभ ग्रह का प्रभाव होने पर कुंडली धारक का धन आम तौर पर अच्छे कामों में ही खर्च होगा जबकि कुंडली के बारहवें घर पर किसी अशुभ ग्रह का प्रभाव होने पर कुंडली धारक का धन आम तौर पर व्यर्थ के कामों में ही खर्च होता रहता है। कुंडली के बारहवें घर पर शुभ गुरू का प्रबल प्रभाव कुंडली धारक को धार्मिक कार्यों में धन लगाने के लिए प्रेरित करता है जबकि कुंडली के बारहवें घर पर अशुभ राहु अथवा शनि का प्रबल प्रभाव कुंडली धारक को जुआ खेलने, अत्याधिक शराब पीने तथा ऐसी ही अन्य बुरी लतों पर धन खराब करने के लिए प्रेरित करता है। 

           कुंडली का बारहवां घर कुंडली धारक की विदेश यात्राओं के बारे में भी बताता है तथा किसी दण्ड के फलस्वरूप मिलने वाला देश निकाला भी कुंडली के इसी घर से देखा जाता है। किसी व्यक्ति का अपने परिवार के सदस्यों से दूर रहना भी कुंडली के इस घर से पता चल सकता है। कुंडली धारक के जीवन के किसी विशेष समय में उसके लंबी अवधि के लिए अस्पताल जाने अथवा कारावास में बंद होने जैसे विषयों के बारे में जानने के लिए भी कुंडली के इस घर को देखा जाता है। कुंडली का यह घर कुंडली धारक के जीवन के अंतिम समय के बारे में भी बताता है तथा कुंडली के इस घर से कुंडली धारक की मृत्यु के कारण का पता भी चल सकता है।

                                                      बारहवां घर व्यक्ति के जीवन में मिलने वाले बिस्तर के सुख के बारे में भी बताता है तथा यह घर कुंडली धारक की निद्रा के बारे में भी बताता है। कुंडली के इस घर पर किन्ही विशेष बुरे ग्रहों का प्रभाव कुंडली धारक को निद्रा से संबंधित रोग या परेशानियों से पीड़ित कर सकता है तथा कुंडली धारक के वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं पैदा कर सकता है। यह समस्याएं आम तौर पर रात को सोने के समय बिस्तर पर होने वाली बातचीत से शुरू होती हैं जो बढ़ते-बढ़ते विवाद का रूप ले लेती हैं तथा व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में परेशानियां पैदा कर देती हैं। ऐसे लोगों के संबंध सामान्य तौर पर अपने पति या पत्नी के साथ अच्छे होने के बावजूद भी सोने के समय किसी व्यर्थ की बात को लेकर पति या पत्नी के साथ विवाद हो जाता है जिससे इनको सुख की नींद लेने में बाधा आती है।
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