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बिगडी मेरी बना ऐ , मईया जी , मेरी मईया ।

बिगडी मेरी बना ऐ , मईया जी , मेरी मईया ।





सदा पापी से पापी को भी तुम , मां भव सिंधु तारी हो ।
फंसी मझदार में नईया को भी पल मे उबारी हो ।
न जाने कौन ऐसी भुल , मुझसे हो गयी मईया ,
तुम अपने इस बालक को मईया मन से बिसारी हो ।

बिगडी मेरी बना ऐ , मईया जी , मेरी मईया ।
बिगडी मेरी बना दे ऐ शेरोवाली मईया ...
ओ बिगडी मेरी बना दे ऐ शेरोवाली मईया ...
ऐ शेरावाली मईया , देवास वाली मईया ,
पहरो वाली मईया , ऐ खंडवा वाली मईया ।
अपना मुझे बना ले ऐ मेहरो वाली मईया ।
बिगडी मेरी बना दे ..............
दर्शन को मेरी अंखिया कब से तरस रही है , मेरी अंखिया , मां मेरी अंखिया ।
सावन से जैसे झर झर अंखिया बरस रही है ।
दर पर मुझे बना ले , ऐ शेरोवाली मईया मेरी मईया जी ,
बिगडी मेरी बना दे ऐ शेरोवाली मईया ।
आते है तेरे दर पे दुनिया के नर और नारी सुनती हो सबकी विनती ।
मेरी मईया शेरावाली ,मुझको दरश दिखा दे , ऐ मेहरा वाली मईया ।
बिगडी मेरी बना दे ऐ शेरोवाली मईया .............
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